औजला, ज़िला सैशन जज, डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर व अन्य अधिकारियों ने की शिरकत
अमृतसर, 8 जुलाई (पवित्रजोत): कला और इतिहास प्रेमी एडवोकेट हरप्रीत सिंह संधू की तरफ से शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह के जीवन के साथ सम्बन्धित स्थान पुल कंजरी, जोकि इस समय पर भारत और पाकिस्तान सरहद पर स्थित है, पर बनाई गई दस्तावेज़ी फ़िल्म ‘पुल कंजरी’ को बुधवार को लोकसभा सांसद. गुरजीत सिंह औजला, ज़िला और सैशन जज बलविन्दर सिंह संधू, डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों, पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल, डी.आई.जी. बी.एस.एफ. भुपिन्दर सिंह, चेयरमैन नगर सुधार ट्रस्स्ट दिनेश बस्सी, वाईस चेयरमैन मार्केट कमेटी रमिन्दर सिंह रम्मी, एस.डी.एम शिवराज सिंह बल्ल की तरफ से रिलीज किया गया। प्रभावशाली रिलीज समागम भी पुल कंजरी में पहुँच कर ही किया गया।
इस मौके गुरजीत सिंह औजला ने फिल्म निर्माता और फोटोग्राफर हरप्रीत सिंह संधू को बधाई देते कहा कि उन्होंने लाकडाऊन दौरान मिले समय को सचमुच ही सही प्रयोग में लाया है और हमारे इतिहासिक स्थान, जोकि इस समय पर भी आम लोगों की नज़र से दूर है को दुनिया की निगाह में लाने की कोशिश की है। उन्होने कहा कि हरप्रीत संधू की यह कोशिश अमृतसर जैसे धार्मिक शहर में विरासती आकर्षण पैदा करके पर्यटक को नई दिशा दे सकती है। उन्होने कहा कि हमारे ऐसे ओर भी बहुत से स्थान पर्यटकों के आकर्षण बन सकते हैं, बशर्ते कि उनको पर्यटक सर्कट के साथ जोड़ कर लोगों की पहुंच बनाई जाए। जिला और सैशन जज बलविन्दर सिंह संधू ने भी हरप्रीत संधू की मुबारकबाद देते ऐसी कोशिशें आगे से भी करते रहने के लिए प्रेरित किया। डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने इस दस्तावेज़ी फ़िल्म को पंजाब के पर्यटन के लिए अच्छा संकेत बताते हरप्रीत संधू की तरफ से कोशिश की प्रशंसा की और आशा व्यक्त कि वह आगे से भी ऐसे प्रयास करते रहेंगे।
डी.आई.जी. भुपिन्दर सिंह ने भी इस दसतावेज़ी को टूरिज्म उद्योग के साथ जोड़दे कहा कि हम अपने इलाको में पड़ते इतिहासक स्थानों को संभाल रहे हैं और यदि आगे से भी कोई ऐसा प्रयास करेंगे तो हम उसका साथ देंगे। हरप्रीत संधू ने इस प्यार के लिए सभी का धन्यवाद करते कहा कि आपकी तरफ से मिला प्यार मुझे इस क्षेत्र में ओर काम करने के लिए प्रेर रहा है और मेरी कोशिश होगी कि मैं पंजाब के सभी इतिहासक स्थानों को डिजिटल भाषा में कमलबन्द करूँ, जिससे यह हमारा इतिहास आने वाली पीढिया तक आसान भाषा में पहुँच सके। उन्होने इस प्रोजैकट के लिए पर्यटक विभाग के सचिव हुस्न लाल की तरफ से मिले योगदान का ज़िक्र करते कहा कि यह काम हुस्न लाल और बीएसएफ की सहायता के बिना पूरा होना मुमकिन ही नहीं था।













