चुनाव पारदर्शिता व विडियोग्राफी को लेकर भाजपा शिष्टमंडल ने की मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात
अमृतसर: 31 जनवरी ( राजिंदर धानिक): प्रदेश भाजपा के शिष्टमंडल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में 14 फरवरी को होने वाले नगर निगम और नगर परिषद चुनाव को स्वतंत्र तथा निष्पक्ष रूप से करवाने को लेकर पंजाब के मुख्य चुनाव आयुक्त को मिला तथा उन्हें अपना मांग-पत्र सौंप कर इस सारे चुनाव की विडियोग्राफी करवाने की मांग की। इस शिष्टमंडल में राज्यसभा सांसद व प्रदेश भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम विशेष रूप से उपस्थित हुए। इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. नरिंदर सिंह, संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, मनोरंजन कालिया, अनिल सरीन, बिक्रमजीत सिंह चीमा भी उपस्थित थे।
दुष्यंत गौतम ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहाकि चुनाव आयोग द्वारा राज्य में पहले से ही आदर्श आचार संहिता लागू की जा चुकी है, जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी राजनीतिक दल और उनके उम्मीदवार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित बैठकों, रैलियों व जुलूसों में कोई अवरोध पैदा न करें या तोड़-फोड़ न करें। लेकिन सत्तारुढ़ पार्टी तथा अन्य विपक्षी दल किसानों के नाम पर भाजपा कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें चुनाव प्रचार और चुनाव लड़ने से रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। राज्य में भय और आतंक का माहौल बन चुका है। ऐसे में प्रदेश में स्वतंत्र व् निष्पक्ष चुनाव नहीं करवाए जा सकते।
अश्वनी शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहाकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कांग्रेसी नेता व अन्य विपक्षी दल अपने राजनीतिक स्वार्थ व लाभ के लिए सरेआम हिंसा और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकीयों भाजपा नेताओं व् कार्यकर्ताओं को दे रहे हैं। पंजाब में कई जगह भाजपा नेताओं पर जानलेवा हमले व् उनके घरों के सामने कांग्रेस समर्थित तत्वों द्वारा प्रायोजित धरने-प्रदर्शन, भाजपा कार्यालयों में जबरन घुस कर तोड़-फोड़, भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर जानलेवा हमलों की घटनाएं लगातार जारी हैं। भाजपा द्वारा आरोपियों के नाम पुलिस को बताए जाने पर भी पुलिस द्वारा कोई कारवाई नहीं की जा रही। पुलिस कांग्रेस नेताओं के हाथों में खेल रही है। आरोपी अभी तक खुलेआम घूम रहे हैं।
अश्वनी शार्मा ने कहाकि कांग्रेस ने सारे पंजाब को अति-संवेदनशील बना दिया है, जनता आतंकित है और ऐसे में कैसे स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव करवाया जा सकता है। शिष्टमंडल द्वारा प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग तथा राज्यपाल को मांगपत्र दिया है कि प्रदेश में होने वाले चुनाव की विडियोग्राफी करवाई जाए। उन्होंने कहाकि चुनाव आयोग का कर्तव्य बनता है कि वह अपनी शक्तियों का प्रयोग कर यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में मतदाता किसी भी खतरे, भय और दबाव के बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान कर सकें।













