करतारपुर रास्ता संघर्ष कमेटी के वफद ने अल्पसंख्यक कमिशन के चेयरमैन लालपुरा के साथ की मुलाकात
अमृतसर 17 नवंबर (राजिंदर धानिक ) : श्री करतारपुर रास्ता फिर खोलने के बड़े फ़ैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह का समूह सिख संगतो और समूह पंजाबियों की तरफ से तह दिल से धन्यवाद करते श्री करतारपुर रास्ता संघर्ष कमेटी, अमृतसर ने रास्ता निरंतर और निर्विघ्न जारी रहने और श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सरकार की तरफ से उचित प्रबंध किये जाने की आशा प्रकट की है।
अल्पसंख्यक कमिशन के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा ने कमिशन के नयी दिली स्थित दफ़्तर में मुलाकात करने आए रास्ता संघर्ष कमेटी की वफद में शामिल नेताओं प्रो सरचांद सिंह ख्याला, इकबाल सिंह तुंग, सुरिन्दरपाल सिंह तालबपुरा, गुरप्रीत सिंह कलकत्ता,एडवोकेट भानु प्रताप सिंह और बलबीर सिंह कठआली को बताया कि मोदी सरकार सिखों की धार्मिक भावनायों का हर संभव ख़्याल रख रही है। सिख भाईचारे को दरपेश मामलों को जल्द हल करने का उन्होंने विश्वास दिलाया। इस मौके रास्ते संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार की तरफ से श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर श्री करतारपुर रास्ता फिर खोलने के फ़ैसले के साथ सिख संगतों में भारी खुशी पाई जा रही है। इस रास्ते को फिर खोलने के साथ गुरू नानक नाम लेवा संगतों की बड़ी माँग पूरी हुई है और संगतें फिर से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, करतारपुर के खुले दर्शन दीदार कर सकेंगी। केंद्र सरकार का यह फ़ैसला श्री गुरु नानक देव जी के 19 नवंबर को मनाए जा रहे प्रकाश पर्व सम्बन्धित संगतों में भारी उत्साह और ख़ुशियों में भी विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि सिख पंथ में गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर ( पाकिस्तान) की बड़ी अहमीयत है। गुरू नानक देव जी ने यहाँ अपनी ज़िंदगी के आखिरी 18 साल व्यतीत करते सिखी का प्रचार प्रसार किया। देश बाँट के बाद सिख पंथ और नानक नाम लेवा संगतों में श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों की इच्छा रही। संगत की तरफ से 70 सालों से की जा रही अरदासें और उनकी धार्मिक भावनायों को मुख्य रखते दो साल पहले करतारपुर रास्ता अस्तित्व में आया। जिसका उद्घाटन 9 नवंबर 2019 को भारत की तरफ़ से भारतीय प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी की तरफ से किया गया। अफ़सोस की करोना के कारण 16 मार्च 2020 से इसको बंद कर दिया गया। इस करतारपुर कॉरिडोर को फिर खोलने के लिए सिख संगतें पुरज़ोर माँग करती रही। उनकी धार्मिक भावनायों को देखते ’करतारपुर रास्ता संघरश समिति ’ संगत को लामबंद करते रास्ता फिर खोलने के लिए केंद्र सरकार से अपीलों करती आ रही है। इस मौके लालपुरा को सम्मानित किया गया।













